| Name of Post | Bihar Bhumi | Department of Revenue & Land Reforms |
| Short Information | Bihar Bhumi | Department of Revenue & Land Reforms | बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का आधिकारिक पोर्टल, Bihar Bhumi, अब बिहार के जमीन मालिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब आपको अपनी जमीन के कागजात या रसीद के लिए कचहरी और ब्लॉक के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। |
📜 Bihar Bhumi डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख (Digitally Signed Records)
पहले खतियान या अपनी जमीन के कागजात के लिए महीनों अंचल कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। अब आप डिजिटल साइन वाली नकल घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं। यह कानूनी रूप से हर जगह मान्य है और इसमें किसी कर्मचारी के हस्ताक्षर की मैन्युअल जरूरत नहीं होती।
🔐 डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख: कानूनी रूप से मान्य और सुरक्षित!
बिहार सरकार के भूमि सुधार विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ‘डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख’ (Digitally Signed Land Records) का अर्थ है कि अब आपको अपनी जमीन के दस्तावेजों के लिए सरकारी मोहर और दस्तखत के लिए दफ्तरों में भटकने की जरूरत नहीं है।
ये दस्तावेज़ पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध (Legally Valid) होते हैं और आप इनका उपयोग बैंकों, अदालतों और सरकारी कार्यों में कर सकते हैं।
🌟 डिजिटल हस्ताक्षरित अभिलेखों की खास विशेषताएं:
- कानूनी मान्यता: इन दस्तावेजों पर राजस्व अधिकारी (CO) के डिजिटल सिग्नेचर होते हैं। इनका कानूनी मूल्य वही है जो आपके द्वारा अंचल कार्यालय से प्राप्त मैनुअल कागजात का होता है।
- QR कोड सुरक्षा (QR Code Verification): प्रत्येक डिजिटल दस्तावेज पर एक यूनिक QR कोड होता है। कोई भी इस कोड को स्कैन करके यह जांच सकता है कि यह दस्तावेज असली है या नहीं, जिससे फर्जीवाड़े (Forgery) की संभावना खत्म हो जाती है।
- कहीं भी उपयोग: चूंकि ये डिजिटल रूप में होते हैं, आप इन्हें सुरक्षित रूप से अपनी ईमेल, गूगल ड्राइव या मोबाइल में रख सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर इनका प्रिंट आउट निकाल सकते हैं।
- तत्काल प्राप्ति: आपको आवेदन करने के बाद हफ्तों इंतजार करने की जरूरत नहीं होती। शुल्क जमा करने के बाद आप इन्हें तुरंत पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
📥 इन्हें कैसे प्राप्त करें? (प्रक्रिया)
- पोर्टल पर जाएं: biharbhumi.bihar.gov.in पर लॉग इन करें।
- विकल्प चुनें: होमपेज पर ‘डिजिटल हस्ताक्षरित जमाबंदी प्रति’ या ‘डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख’ वाले लिंक पर क्लिक करें।
- विवरण भरें: अपना जिला, अंचल (Block) और मौजा का नाम चुनें।
- खोजें: अपना खाता नंबर या खेसरा नंबर डालकर सर्च करें।
- डाउनलोड: यदि आवश्यक हो, तो नाममात्र का शुल्क (Online Payment) जमा करें। भुगतान के बाद आपको एक लिंक मिलेगा, जिससे आप PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
💻 Bihar Bhumi ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Online Mutation)
जमीन खरीदने के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया यही है।
🧐 दाखिल-खारिज (Mutation) क्या है?
जब आप कोई जमीन खरीदते हैं, तो केवल रजिस्ट्री कराना काफी नहीं होता। सरकारी रिकॉर्ड (जमाबंदी पंजी) में पुराने मालिक का नाम हटाकर आपका नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को ही ‘दाखिल-खारिज’ या ‘म्यूटेशन’ कहते हैं। इसके बाद ही आप उस जमीन का सरकारी लगान (रसीद) काट सकते हैं।
🛠️ ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step)
- वेबसाइट पर जाएं: biharbhumi.bihar.gov.in पर ‘ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन’ पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन: अपनी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करें।
- विवरण भरें: जिला, अंचल और मौजा चुनें। फिर खरीदार (Purchaser), विक्रेता (Seller) और जमीन (Plot Details) की जानकारी भरें।
- दस्तावेज अपलोड: अपनी रजिस्ट्री डीड (Kewala) की PDF कॉपी अपलोड करें।
- रसीद प्राप्त करें: आवेदन जमा करने के बाद आपको एक Case Number मिलेगा, जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
📋 म्यूटेशन की समय सीमा और प्रक्रिया
बिहार सरकार के नियमानुसार, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया एक निश्चित समय सीमा में पूरी होनी चाहिए:
- निर्विवाद मामले: अगर जमीन पर कोई आपत्ति नहीं है, तो सामान्यतः 35 से 45 दिनों में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
- जांच प्रक्रिया: आपका आवेदन पहले कर्मचारी, फिर राजस्व अधिकारी और अंत में अंचल अधिकारी (CO) के पास डिजिटल रूप से जाता है।
- सूचना (Notice): आवेदन के बाद एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाता है ताकि अगर किसी को आपत्ति हो, तो वह दर्ज करा सके।
🌟 ऑनलाइन म्यूटेशन के खास फीचर्स
- Status Tracking 🕒: आप ‘दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति’ विकल्प पर जाकर देख सकते हैं कि आपकी फाइल किस अधिकारी की टेबल पर रुकी है।
- Correction Window ✍️: अगर कर्मचारी कोई त्रुटि बताता है, तो आप उसे ऑनलाइन सुधार सकते हैं या साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
- SMS अलर्ट 📱: आपके आवेदन की प्रगति की जानकारी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए मिलती रहती है।
💰 Bihar Bhumi ऑनलाइन भू-लगान भुगतान (Online Land Tax)
बिहार सरकार ने लगान की चोरी रोकने और किसानों की सुविधा के लिए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
🧐 भू-लगान (Land Tax) क्या है और क्यों जरूरी है?
भू-लगान वह वार्षिक शुल्क है जो जमीन का मालिक सरकार को चुकाता है। यह इस बात का कानूनी प्रमाण होता है कि आप उस जमीन के वर्तमान ‘रैयत’ (दखलकार) हैं।
- जरूरत: बैंक लोन लेने, जमीन बेचने, या किसी सरकारी योजना (जैसे PM-Kisan) का लाभ लेने के लिए ‘अद्यतन’ (Updated) लगान रसीद अनिवार्य है।
🛠️ ऑनलाइन लगान भुगतान की प्रक्रिया (Step-by-Step)
- आधिकारिक पोर्टल: सबसे पहले biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं और ‘भू-लगान’ विकल्प पर क्लिक करें।
- ऑनलाइन भुगतान चुनें: इसके बाद ‘ऑनलाइन भुगतान करें’ (Pay Online) पर क्लिक करें।
- विवरण दर्ज करें: अपने जिले, अंचल (Block), और हल्के का नाम चुनें। इसके बाद अपने भाग वर्तमान और पृष्ठ संख्या (Page No.) डालें।
- (नोट: अगर आपको ये नंबर नहीं पता, तो आप ‘जमाबंदी पंजी’ देखें विकल्प से इन्हें खोज सकते हैं।)
- बकाया देखें: ‘खोजें’ पर क्लिक करते ही आपके नाम पर कितनी बकाया राशि (Arrear) है, वह स्क्रीन पर दिख जाएगी।
- पेमेंट करें: ‘Remitter Name’ और मोबाइल नंबर डालकर ‘Pay Now’ पर क्लिक करें। आप Net Banking, UPI, या Debit Card से भुगतान कर सकते हैं।
- रसीद डाउनलोड: सफल भुगतान के बाद तुरंत डिजिटल लगान रसीद जेनरेट होगी, जिसे आप PDF के रूप में सेव या प्रिंट कर सकते हैं।
🌟 इस सुविधा के मुख्य लाभ
| सुविधा | विवरण |
| पारदर्शिता | आप खुद देख सकते हैं कि पिछला कितना बकाया है और सरकार को कितना पैसा जा रहा है। |
| कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं | बिचौलियों को एक्स्ट्रा पैसे देने की जरूरत नहीं, केवल सरकारी दर पर भुगतान। |
| रिकॉर्ड सुरक्षा | आपकी रसीद हमेशा पोर्टल पर सुरक्षित रहती है, खोने का डर नहीं। |
| 24/7 सेवा | रविवार हो या छुट्टी का दिन, आप कभी भी लगान जमा कर सकते हैं। |
⚖️ Bihar Bhumi ऑनलाइन राजस्व न्यायालय (Online Revenue Court)
भूमि विवादों के लिए अब कोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो गई है। DCLR, ADM या कमिश्नर कोर्ट में चल रहे मुकदमों की तारीख, आदेश की कॉपी और केस की स्थिति अब ऑनलाइन देखी जा सकती है।
बिहार में जमीन से जुड़े विवादों और अदालती मामलों के निपटारे के लिए ‘ऑनलाइन राजस्व न्यायालय’ (Online Revenue Court) एक क्रांतिकारी कदम है। अब आपको अपने केस की तारीख जानने या आदेश की कॉपी लेने के लिए कचहरी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।
यहाँ इस डिजिटल कोर्ट रूम के बारे में पूरी जानकारी दी गई है:
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने DCLR, अपर समाहर्ता (ADM), और समाहर्ता (Collector) न्यायालयों को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
🧐 यह प्रणाली (RCMS) क्या है?
इसे Revenue Court Management System (RCMS) कहा जाता है। यह एक ऐसा पोर्टल है जहाँ जमीन से जुड़े मुकदमों (जैसे- दाखिल-खारिज अपील, सीमा विवाद, या बटवारा) का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रखा जाता है।
🛠️ पोर्टल की मुख्य सुविधाएँ (Key Features)
- ऑनलाइन वाद दायर करना (Case Filing): आप घर बैठे अपने वकील के माध्यम से या स्वयं नया केस दर्ज कर सकते हैं।
- कारण सूची (Cause List): आप ऑनलाइन देख सकते हैं कि आज या आने वाली किसी तारीख को किन-किन मुकदमों की सुनवाई होने वाली है।
- वाद की स्थिति (Case Status): अपने केस का नंबर डालकर आप जान सकते हैं कि अगली तारीख कब है और अभी केस किस स्टेज पर है।
- आदेश की प्रति (Certified Orders): जज (DCLR/ADM) द्वारा दिए गए फैसले या आदेश को आप ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। यह ‘डिजिटल हस्ताक्षरित’ (Digitally Signed) होता है।
📝 केस कैसे ट्रैक करें? (How to Check Case Status)
- सबसे पहले dclr.bihar.gov.in या बिहार भूमि पोर्टल के ‘राजस्व न्यायालय’ लिंक पर जाएं।
- अपने जिले, अनुमंडल (Sub-Division) और न्यायालय का प्रकार चुनें।
- Case Number और साल (Year) दर्ज करें।
- ‘View’ पर क्लिक करते ही आपके केस की पूरी ‘हिस्ट्री’ और अगली सुनवाई की तारीख स्क्रीन पर आ जाएगी।
🌟 इसके बड़े फायदे
| सुविधा | विवरण |
| समय की बचत | तारीख पूछने के लिए पेशकार या वकील के भरोसे रहने की जरूरत नहीं। |
| भ्रष्टाचार पर रोक | आदेश ऑनलाइन होने से फाइलों में हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो गई है। |
| अभिलेख सुरक्षा | फिजिकल फाइल फटने या गुम होने का डर नहीं, सारा डेटा सर्वर पर सुरक्षित है। |
| त्वरित सूचना | कई मामलों में सुनवाई की तारीख का अपडेट SMS के जरिए भी भेजा जाता है। |
📏 Bihar Bhumi ई-मापी (e-Mapi)
यह एक क्रांतिकारी कदम है। अपनी जमीन की मापी (अमीन द्वारा पैमाइश) के लिए अब आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इसकी निर्धारित सरकारी फीस भी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इससे सरकारी अमीन के आने का समय और तारीख तय हो जाती है, जिससे भ्रष्टाचार कम हुआ है।
🧐 ई-मापी (e-Mapi) क्या है?
यह एक ऑनलाइन व्यवस्था है जिसके माध्यम से कोई भी रैयत (जमीन मालिक) अपनी जमीन की सरकारी नापी के लिए आवेदन कर सकता है। इसमें अमीन का आवंटन कंप्यूटर द्वारा रैंडम तरीके से किया जाता है, जिससे पक्षपात की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
🛠️ ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step)
- आधिकारिक वेबसाइट: emapi.bihar.gov.in पर जाएं।
- रजिस्ट्रेशन: अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करें।
- आवेदन भरें: अपनी जमीन का विवरण (जिला, अंचल, मौजा, खाता, खेसरा) दर्ज करें।
- दस्तावेज: अपनी जमीन के कागजात (जमाबंदी/केवाला) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- फीस का भुगतान: मापी के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान (UPI/Net Banking) करें।
- तारीख का चयन: आप अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध तारीख (Slot) चुन सकते हैं।
🌟 ई-मापी के मुख्य नियम और फायदे
| विशेषता | विवरण |
| पारदर्शी अमीन चयन | कंप्यूटर खुद तय करेगा कि कौन सा अमीन आपकी जमीन नापने जाएगा। |
| फीस संरचना | ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹500 और शहरी क्षेत्रों के लिए ₹1000 प्रति प्लॉट (लगभग) निर्धारित है। |
| तत्काल मापी (Tatkal) | अगर आपको जल्दी नापी करानी है, तो अतिरिक्त शुल्क देकर तत्काल सेवा का लाभ ले सकते हैं। |
| डिजिटल रिपोर्ट | मापी के बाद अमीन अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेगा, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं। |
📋 मापी के दौरान क्या होता है?
- सूचना (Notice): नापी की तारीख तय होने पर आपके पड़ोसियों (चौहद्दीदारों) को भी नोटिस भेजा जाता है ताकि बाद में कोई विवाद न हो।
- ETS मशीन का उपयोग: अब कई अमीन पुराने फीते (Chain) की जगह ETS (Electronic Total Station) मशीनों का उपयोग कर रहे हैं, जो इंच-दर-इंच सटीक जानकारी देती हैं।
- उपस्थिति: मापी के समय आवेदक और उसके पड़ोसियों का उपस्थित रहना अनिवार्य होता है ताकि रिपोर्ट पर सभी के हस्ताक्षर लिए जा सकें।
📜 Bihar Bhumi राजस्व मानचित्रों की डोर स्टेप डिलीवरी
बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है जहाँ आप अपनी जमीन का नक्शा (Map) ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं और वह डाक (Post) के जरिए सीधे आपके घर पहुँच जाएगा। इसके लिए आपको ‘Gulzarbagh Press’ के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं।
🛠️ ऑनलाइन ऑर्डर करने की प्रक्रिया (Step-by-Step)
- आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले dlrs.bihar.gov.in पर जाएं।
- विकल्प चुनें: होमपेज पर ‘Door Step Delivery of Revenue Maps’ के आइकन पर क्लिक करें।
- खोजें (Search): अपना जिला (District), अंचल (Circle), और मौजा (Mauza) चुनें।
- नक्शा चुनें: उपलब्ध शीट (Sheet No.) देखें और जिसे मंगवाना है उसे ‘Add to Cart’ करें।
- विवरण भरें: अपना पूरा नाम, मोबाइल नंबर और वह पता (Address) डालें जहाँ आप नक्शा मंगवाना चाहते हैं।
- भुगतान: नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट करें।
- ट्रैकिंग: भुगतान के बाद आपको एक रसीद मिलेगी। आप 7-10 दिनों के बाद डाक विभाग की वेबसाइट पर अपना ऑर्डर ट्रैक कर सकते हैं।
🌟 इस सेवा की विशेषताएं
| विशेषता | लाभ |
| सुरक्षित पैकिंग | नक्शों को मोड़कर नहीं, बल्कि एक मजबूत प्लास्टिक/कूट के कंटेनर में रोल करके भेजा जाता है। |
| शुद्धता | यह वही नक्शा होता है जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, जिससे जमीन विवाद सुलझाने में मदद मिलती है। |
| समय की बचत | ऑफिस जाने और लाइन में लगने का झंझट खत्म। |
| बारकोड ट्रैकिंग | हर पैकेट पर बारकोड होता है जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। |
🔔 जमाबंदी पर SMS अलर्ट सेवा
जैसे ही आपके बैंक से पैसे कटते हैं तो मैसेज आता है, ठीक वैसे ही अब आपकी जमीन के साथ कोई छेड़छाड़ (जैसे नाम बदलना या दाखिल-खारिज) होगी, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर SMS अलर्ट आएगा। यह जमीन के फर्जीवाड़े को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
🧐 यह सेवा कैसे काम करती है?
जैसे ही आप अपनी जमाबंदी (जमीन के रिकॉर्ड) को अपने मोबाइल नंबर से लिंक करते हैं, सिस्टम एक्टिव हो जाता है। यदि कोई आपकी जमीन पर:
- दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन करता है।
- रिकॉर्ड में कोई सुधार (Correction) किया जाता है।
- या कोई भी डिजिटल बदलाव होता है।तो विभाग की ओर से आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत एक SMS भेज दिया जाता है।
🛠️ मोबाइल नंबर लिंक करने की प्रक्रिया (Step-by-Step)
- वेबसाइट: biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।
- विकल्प: होमपेज पर ‘जमाबंदी पंजी में अपना मोबाइल नंबर जोड़ें/बदलें’ (SMS Alert Service) पर क्लिक करें।
- लॉगिन: अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP के जरिए लॉगिन करें।
- जमीन का चयन: अपना जिला, अंचल और मौजा चुनें।
- जमाबंदी खोजें: अपनी जमाबंदी (खाता/खेसरा या नाम से) खोजें।
- लिंक करें: ‘Add Mobile Number’ पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर व मोबाइल नंबर अपडेट कर दें।
🌟 SMS अलर्ट के बड़े फायदे
| फायदा | विवरण |
| धोखाधड़ी पर रोक | आपके बिना जानकारी के कोई भी आपकी जमीन का दाखिल-खारिज नहीं करवा पाएगा। |
| त्वरित एक्शन | गलत आवेदन की सूचना मिलते ही आप तुरंत अंचल अधिकारी (CO) के पास आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। |
| पारदर्शिता | सरकारी प्रक्रियाओं की रीयल-टाइम अपडेट आपके पास रहती है। |
| शांति | आपको बार-बार साइबर कैफे या ब्लॉक जाकर अपना रिकॉर्ड चेक करने की जरूरत नहीं। |
📜 Bihar Bhumi भूमि दखल कब्ज़ा प्रमाण पत्र (LPC)
एलपीसी यह साबित करता है कि जमीन पर आपका कब्जा है। यह बैंक लोन, सरकारी सब्सिडी और फसल बीमा के लिए अनिवार्य है। अब यह पूरी तरह ऑनलाइन बनता है।
🧐 LPC की जरूरत कब पड़ती है?
LPC की आवश्यकता मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए होती है:
- बैंक लोन (Bank Loan): खेती या व्यवसाय के लिए जमीन पर लोन लेते समय बैंक LPC की मांग करते हैं।
- सरकारी सब्सिडी: कृषि यंत्रों या बीज पर सब्सिडी पाने के लिए।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): केसीसी बनवाने के लिए यह अनिवार्य दस्तावेज है।
- अदालती मामले: जमीन के मालिकाना हक को साबित करने के लिए।
- अचल संपत्ति की बिक्री: खरीदार की संतुष्टि के लिए कि जमीन विवाद मुक्त है।
🛠️ LPC के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
- पोर्टल पर जाएं: biharbhumi.bihar.gov.in पर जाकर ‘ऑनलाइन LPC आवेदन’ पर क्लिक करें।
- लॉगिन: अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी से साइन-इन करें।
- जयन: अपना जिला और अंचल चुनें, फिर ‘नया एलपीसी आवेदन’ पर क्लिक करें।
- जमाबंदी खोजें: अपनी जमीन को खाता/खेसरा या भाग वर्तमान से खोजें।
- विवरण भरें: आवेदन फॉर्म में अपना उद्देश्य (Purpose of LPC) लिखें।
- दस्तावेज अपलोड: हाल ही की ‘लगान रसीद’ (Current Lagaan Receipt) और एक स्व-घोषणा पत्र (Affidavit) स्कैन करके अपलोड करें।
- सबमिट: आवेदन जमा करने के बाद आपको एक Application Number मिलेगा।
⏳ समय सीमा और निर्गत प्रक्रिया
- जांच: आपका आवेदन राजस्व कर्मचारी (Halka Karamchari) और राजस्व अधिकारी (RO) के पास जाता है।
- रिपोर्ट: कर्मचारी मौके पर जाकर या रिकॉर्ड देखकर रिपोर्ट लगाता है कि जमीन पर आपका कब्जा है या नहीं।
- अनुमोदन: अंत में अंचल अधिकारी (CO) डिजिटल हस्ताक्षर के साथ LPC जारी करते हैं।
- समय: आमतौर पर इसमें 10 से 15 कार्य दिवस लगते हैं।
🌟 LPC के लिए मुख्य शर्तें
| शर्त | विवरण |
| अपडेटेड रसीद | आपकी जमीन का लगान चालू वर्ष तक जमा होना अनिवार्य है। |
| नाम में समानता | जमाबंदी में नाम और आपके आधार/आईडी में नाम मेल खाना चाहिए। |
| विवाद रहित | यदि जमीन पर कोई न्यायालयी स्थगन (Stay Order) है, तो LPC जारी नहीं होगा। |
🛠️ Bihar Bhumi परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus)
यह ‘परिमार्जन’ का एडवांस वर्जन है। अगर आपके डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Jamabandi) में खाता, खेसरा, रकबा या नाम में कोई गलती है, तो उसे सुधारने के लिए आप साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन अपील करते हैं।
बिहार सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किया गया ‘परिमार्जन प्लस’ (Parimarjan Plus) पोर्टल, पुराने ‘परिमार्जन’ का एक उन्नत और अधिक शक्तिशाली संस्करण है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल जमाबंदी पंजी (जमीन के रिकॉर्ड) में मौजूद गंभीर गलतियों को सुधारना और छूटे हुए रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन दर्ज करना है।
🧐 परिमार्जन और परिमार्जन प्लस में क्या अंतर है?
- पुराना परिमार्जन: इसमें केवल छोटी-मोटी गलतियों (जैसे स्पेलिंग सुधार) के लिए आवेदन होता था और प्रक्रिया अक्सर धीमी रहती थी।
- परिमार्जन प्लस (New): इसमें छूटी हुई जमाबंदी (Missing Jamabandi) को दर्ज करने, लगान रसीद की विसंगतियों को दूर करने और रकबा (जमीन का साइज) सुधारने जैसी बड़ी समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसमें अधिकारियों के लिए समय सीमा (Timeline) तय की गई है।
🛠️ परिमार्जन प्लस पर आप क्या-क्या सुधार सकते हैं?
- छूटी हुई जमाबंदी का डिजिटलीकरण: यदि आपकी जमीन ऑफलाइन रजिस्टर-2 में है पर ऑनलाइन नहीं दिख रही।
- रैयत के नाम में सुधार: पिता/पति के नाम या खुद के नाम की स्पेलिंग ठीक करना।
- रकबा/भूमि विवरण: खाता, खेसरा या रकबा (एरिया) में सुधार।
- लगान संबंधी अशुद्धियां: यदि ऑनलाइन लगान गलत दिख रहा है या पिछली रसीद अपडेट नहीं है।
- कम्प्यूटरीकरण के दौरान छूटे दस्तावेज: पुराने सर्वे (Cadastral/Revisional) के आधार पर सुधार।
📝 आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
- वेबसाइट: biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं और ‘परिमार्जन प्लस’ लिंक पर क्लिक करें।
- लॉगिन: अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी दर्ज करें।
- आवेदन का प्रकार: अपनी समस्या के अनुसार कैटेगरी चुनें (जैसे- ‘जमाबंदी सुधार’ या ‘छूटी हुई जमाबंदी’)।
- विवरण भरें: जिला, अंचल, हल्का और मौजा का चयन करें।
- साक्ष्य अपलोड करें (Must): सुधार के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे— पुराना केवाला, खतियान, या पिछली लगान रसीद की PDF स्कैन करके अपलोड करें।
- ट्रैकिंग: आवेदन के बाद आपको एक ID मिलेगी, जिससे आप अपने आवेदन की प्रगति (Status) देख सकते हैं।
🌟 इस नई सेवा की विशेषताएं
| विशेषता | लाभ |
| डिजिटल डैशबोर्ड | अब DM और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सीधे देख सकते हैं कि किस अंचल में कितने सुधार पेंडिंग हैं। |
| समयबद्ध समाधान | अधिकारियों को एक तय समय के अंदर आपके आवेदन पर फैसला लेना होता है। |
| पारदर्शिता | यदि आपका आवेदन रिजेक्ट होता है, तो अधिकारी को उसका ठोस कारण (Reason) ऑनलाइन लिखना होगा। |
| साक्ष्य आधारित | सुधार केवल आपके द्वारा अपलोड किए गए पक्के कागजों के आधार पर ही किया जाएगा। |
📞 Bihar Bhumi सहायता के लिए संपर्क (Helpdesk)
🛠️ प्रमुख संपर्क माध्यम (Contact Channels)
| माध्यम | विवरण / नंबर |
| टोल-फ्री हेल्पलाइन | 1800-345-6215 (कार्य दिवसों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक) |
| आधिकारिक ईमेल | revenuebihar@gmail.com |
| मुख्यालय का पता | पुराने सचिवालय, पटना – 800015 (बिहार) |
| पोर्टल लिंक | biharbhumi.bihar.gov.in |
📝 शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया (How to Complain)
यदि आपका दाखिल-खारिज (Mutation) या परिमार्जन आवेदन लंबे समय से पेंडिंग है, तो आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं:
- ऑनलाइन ग्रीवांस (Grievance): बिहार भूमि पोर्टल पर ‘शिकायत दर्ज करें’ या ‘राजस्व न्यायालय’ के माध्यम से अपनी समस्या लिख सकते हैं।
- लोक शिकायत निवारण (BPGMS): यदि अंचल कार्यालय में सुनवाई नहीं हो रही है, तो आप बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत ऑनलाइन lokshikayat.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
- सोशल मीडिया: विभाग के आधिकारिक ट्विटर (X) हैंडल @LRC_Bihar पर भी अपनी समस्या टैग कर सकते हैं।
🌟 महत्वपूर्ण अधिकारियों के पद (पदानुक्रम)
यदि आपको सीधे अधिकारियों से संपर्क करना हो, तो क्रम इस प्रकार है:
- अंचल स्तर: राजस्व कर्मचारी ➡️ अंचल निरीक्षक (CI) ➡️ अंचल अधिकारी (CO)
- अनुमंडल स्तर: भूमि सुधार उप-समाहर्ता (DCLR)
- जिला स्तर: अपर समाहर्ता (ADM) ➡️ जिला पदाधिकारी (DM)
⚠️ सहायता लेते समय ध्यान रखें:
- Application ID: हमेशा अपना ‘केस नंबर’ या ‘एप्लीकेशन आईडी’ तैयार रखें।
- गोपनीयता: किसी भी अनजान कॉल पर अपना ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण साझा न करें। सरकारी अधिकारी कभी भी ऐसी जानकारी नहीं मांगते।
- कार्य दिवस: फोन कॉल के लिए सोमवार से शुक्रवार (कार्य दिवसों) का ही उपयोग करें।
🔗 Bihar Bhumi – Important Links
| 🛠️ सेवा का नाम (Service Name) | 🎯 मुख्य उद्देश्य (Main Objective) | 🔗 महत्वपूर्ण लिंक (Important Links) |
| 🏠 Bihar Bhumi | सभी सेवाओं का मुख्य होम पेज | यहाँ क्लिक करें |
| 📜 अपना खाता देखें | अपनी भूमि के डिजिटल रिकॉर्ड (खसरा/खाता) की जाँच करना। | यहाँ क्लिक करें |
| 📝 दाखिल-खारिज आवेदन | भूमि के स्वामित्व हस्तांतरण (Mutation) के लिए आवेदन करना। | यहाँ क्लिक करें |
| 🔍 दाखिल-खारिज त्रुटि जांच | अपने दाखिल-खारिज त्रुटि जांच स्थिति ट्रैक करना। | यहाँ क्लिक करें |
| 📄 LPC आवेदन | बैंक ऋण या अन्य कार्यों के लिए भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र प्राप्त करना। | यहाँ क्लिक करें |
| 🔍 LPC आवेदन की स्थिति | LPC आवेदन को ट्रैक करना। | LPC ट्रैक स्थिति |
| 🗺️ भू-नक्शा | जमीन का डिजिटल मैप या नक्शा देखना और डाउनलोड करना। | यहाँ क्लिक करें |
| 💰 ऑनलाइन लगान | अपनी जमीन का लगान (Tax) ऑनलाइन जमा करना और रसीद काटना। | यहाँ क्लिक करें |
| 📖 जमाबंदी पंजी | रजिस्टर में अपनी जमीन की वर्तमान स्थिति और विवरण देखना। | यहाँ क्लिक करें |
| 🛠️ परिमार्जन | डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड में हुई गलतियों (नाम, रकबा आदि) को सुधारना। | यहाँ क्लिक करें |
| 🔍 परिमार्जन आवेदन की स्थिति | अपने सुधार आवेदन (Application) को ट्रैक करना। | ट्रैक स्थिति |
| 💻 ServicePlus | Bihar RTPS | बिहार का जाति (Caste), निवास (Residential), आय (Income) और चरित्र (Character) जैसे महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवा सकते हैं। | ServicePlus |

Bihar Bhumi FAQs
Q1. दाखिल-खारिज (Mutation) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
उत्तर: जब आप कोई जमीन खरीदते हैं, तो रजिस्ट्री ऑफिस में जमीन आपके नाम तो हो जाती है, लेकिन सरकारी ‘राजस्व रिकॉर्ड’ (Register II) में पुराने मालिक का ही नाम रहता है। दाखिल-खारिज वह प्रक्रिया है जिसके जरिए पुराने मालिक का नाम काटकर आपका नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। इसके बिना आप भविष्य में जमीन नहीं बेच सकते और न ही लोन ले सकते हैं।
Q2. दाखिल-खारिज होने में कितना समय लगता है?
उत्तर: बिहार में इसकी सरकारी समय सीमा 35 से 63 कार्य दिवस है। अगर जमीन के कागजात सही हैं और कोई आपत्ति (Objection) नहीं आती, तो यह लगभग 45 दिनों में पूरा हो जाता है।
Q3. मेरी जमीन की रसीद ऑनलाइन नहीं दिख रही है, मैं क्या करूँ?
उत्तर: अगर आपकी जमीन का डेटा ऑनलाइन ‘शून्य’ दिखा रहा है या रिकॉर्ड नहीं मिल रहा, तो आपको ‘परिमार्जन’ (Parimarjan) पोर्टल पर जाकर सुधार के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको अपनी पुरानी रसीद या केवाला (Deed) अपलोड करना होगा।
Q4. LPC (भूमि दखल कब्जा प्रमाण पत्र) की वैधता कितने समय की होती है?
उत्तर: आमतौर पर LPC 6 महीने के लिए वैध होता है। इसके बाद यदि आपको दोबारा जरूरत पड़ती है, तो आपको नया LPC बनवाना होगा।
Q5. क्या मैं दूसरे राज्य में बैठकर बिहार की जमीन का लगान (टैक्स) भर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। Bihar Bhumi पोर्टल पर ‘ऑनलाइन भुगतान’ सेवा का उपयोग करके आप दुनिया के किसी भी कोने से अपनी जमीन का लगान भर सकते हैं और डिजिटल रसीद डाउनलोड कर सकते हैं।
Q6. जमीन का नक्शा ऑनलाइन कैसे मंगाएं?
उत्तर: आप dlrs.bihar.gov.in पर जाकर अपने जिले और मौजा का चयन करें। वहां ‘Door Step Delivery’ का विकल्प मिलेगा। मामूली शुल्क देकर आप डिजिटल नक्शा अपने घर के पते पर मंगा सकते हैं।
Q7. ‘भाग वर्तमान’ और ‘पृष्ठ संख्या’ क्या है और यह कहाँ मिलेगा?
उत्तर: ऑनलाइन रसीद काटने के लिए ये दो नंबर सबसे जरूरी हैं। ये आपकी जमीन की जमाबंदी पंजी (Register II) में लिखे होते हैं। आप पोर्टल पर “जमाबंदी पंजी देखें” विकल्प में जाकर अपने नाम या प्लॉट नंबर से इन्हें खोज सकते हैं।
Q8. ई-मापी (e-Mapi) के लिए सरकारी फीस कितनी है?
उत्तर: ई-मापी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति प्लॉट लगभग 500 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 1000 रुपये की सरकारी फीस निर्धारित है (यह समय-समय पर बदल सकती है)। आप पोर्टल पर इसकी सही राशि देख सकते हैं।




