| Name of Post | Bihar Bhumi | Department of Revenue & Land Reforms |
| Short Information | Bihar Bhumi | Department of Revenue & Land Reforms | बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का आधिकारिक पोर्टल, Bihar Bhumi, अब बिहार के जमीन मालिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब आपको अपनी जमीन के कागजात या रसीद के लिए कचहरी और ब्लॉक के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। |
बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार: 10 प्रमुख सेवाओं का महा-विश्लेषण
1. डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख (Digitally Signed Records)
पहले खतियान या अपनी जमीन के कागजात के लिए महीनों अंचल कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। अब आप डिजिटल साइन वाली नकल घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं। यह कानूनी रूप से हर जगह मान्य है और इसमें किसी कर्मचारी के हस्ताक्षर की मैन्युअल जरूरत नहीं होती।
2. ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Online Mutation)
जमीन खरीदने के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया यही है।
- प्रोसेस: रजिस्ट्री के बाद आप ऑनलाइन आवेदन करते हैं।
- पारदर्शिता: अब आप देख सकते हैं कि आपकी फाइल किस अधिकारी की टेबल पर रुकी हुई है। यदि कोई कर्मचारी बिना कारण देरी करता है, तो आप उसकी शिकायत भी कर सकते हैं।
3. ऑनलाइन भू-लगान भुगतान (Online Land Tax)
बिहार सरकार ने लगान की चोरी रोकने और किसानों की सुविधा के लिए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
- आप अपनी जमीन का ‘भाग वर्तमान’ और ‘पृष्ठ संख्या’ डालकर घर बैठे डेबिट कार्ड या UPI से रसीद काट सकते हैं।
4. ऑनलाइन राजस्व न्यायालय (Online Revenue Court)
भूमि विवादों के लिए अब कोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो गई है। DCLR, ADM या कमिश्नर कोर्ट में चल रहे मुकदमों की तारीख, आदेश की कॉपी और केस की स्थिति अब ऑनलाइन देखी जा सकती है।
5. ई-मापी (e-Mapi)
यह एक क्रांतिकारी कदम है। अपनी जमीन की मापी (अमीन द्वारा पैमाइश) के लिए अब आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इसकी निर्धारित सरकारी फीस भी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इससे सरकारी अमीन के आने का समय और तारीख तय हो जाती है, जिससे भ्रष्टाचार कम हुआ है।
6. भूमि उपयोग प्रकार में परिवर्तन (Land Conversion)
अगर आपकी जमीन खेती (Agriculture) की है और आप वहाँ दुकान, स्कूल या कारखाना (Commercial/Industrial) खोलना चाहते हैं, तो उसका ‘कनवर्जन’ कराना होता है। पोर्टल के जरिए अब यह प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो गई है।
7. राजस्व मानचित्रों की डोर स्टेप डिलीवरी
बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है जहाँ आप अपनी जमीन का नक्शा (Map) ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं और वह डाक (Post) के जरिए सीधे आपके घर पहुँच जाएगा। इसके लिए आपको ‘Gulzarbagh Press’ के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं।
8. जमाबंदी पर SMS अलर्ट सेवा
जैसे ही आपके बैंक से पैसे कटते हैं तो मैसेज आता है, ठीक वैसे ही अब आपकी जमीन के साथ कोई छेड़छाड़ (जैसे नाम बदलना या दाखिल-खारिज) होगी, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर SMS अलर्ट आएगा। यह जमीन के फर्जीवाड़े को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
9. भूमि दखल कब्ज़ा प्रमाण पत्र (LPC)
एलपीसी यह साबित करता है कि जमीन पर आपका कब्जा है। यह बैंक लोन, सरकारी सब्सिडी और फसल बीमा के लिए अनिवार्य है। अब यह पूरी तरह ऑनलाइन बनता है।
10. परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus)
यह ‘परिमार्जन’ का एडवांस वर्जन है। अगर आपके डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Jamabandi) में खाता, खेसरा, रकबा या नाम में कोई गलती है, तो उसे सुधारने के लिए आप साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन अपील करते हैं।
सहायता के लिए संपर्क (Helpdesk)
यदि आपको पोर्टल इस्तेमाल करने में कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो आप इन माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-345-6215 / 1800-345-6208
- ईमेल: support@biharbhumi.gov.in
- समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (का
📑Bihar Bhumi – Important Links
| सेवा का नाम (Service Name) | डायरेक्ट लिंक (Direct Link) | मुख्य उद्देश्य |
| आधिकारिक पोर्टल (Home) | biharbhumi.bihar.gov.in | सभी सेवाओं का मुख्य द्वार |
| ऑनलाइन दाखिल-खारिज | Apply Mutation | नया नाम चढ़वाने के लिए आवेदन |
| दाखिल-खारिज स्थिति | Mutation Status | आवेदन की प्रगति देखने के लिए |
| ऑनलाइन भू-लगान | Pay Lagan | जमीन की रसीद काटने के लिए |
| परिमार्जन (सुधार) | Parimarjan Portal | रिकॉर्ड में सुधार के लिए |
| जमाबंदी पंजी देखें | View Jamabandi | डिजिटल रिकॉर्ड चेक करने के लिए |
| अपना खाता (खतियान) | Apna Khata | पुराना खतियान देखने के लिए |
| LPC आवेदन | Apply LPC | स्वामित्व प्रमाणपत्र के लिए |
| ई-मापी (e-Mapi) | e-Mapi Portal | सरकारी अमीन बुक करने के लिए |
| भू-मानचित्र (Map) | Bhu-Naksha | नक्शा देखने और मंगाने के लिए |
| राजस्व न्यायालय | Revenue Court | भूमि विवाद केस की स्थिति |
Bihar Bhumi FAQs
Q1. दाखिल-खारिज (Mutation) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
उत्तर: जब आप कोई जमीन खरीदते हैं, तो रजिस्ट्री ऑफिस में जमीन आपके नाम तो हो जाती है, लेकिन सरकारी ‘राजस्व रिकॉर्ड’ (Register II) में पुराने मालिक का ही नाम रहता है। दाखिल-खारिज वह प्रक्रिया है जिसके जरिए पुराने मालिक का नाम काटकर आपका नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। इसके बिना आप भविष्य में जमीन नहीं बेच सकते और न ही लोन ले सकते हैं।
Q2. दाखिल-खारिज होने में कितना समय लगता है?
उत्तर: बिहार में इसकी सरकारी समय सीमा 35 से 63 कार्य दिवस है। अगर जमीन के कागजात सही हैं और कोई आपत्ति (Objection) नहीं आती, तो यह लगभग 45 दिनों में पूरा हो जाता है।
Q3. मेरी जमीन की रसीद ऑनलाइन नहीं दिख रही है, मैं क्या करूँ?
उत्तर: अगर आपकी जमीन का डेटा ऑनलाइन ‘शून्य’ दिखा रहा है या रिकॉर्ड नहीं मिल रहा, तो आपको ‘परिमार्जन’ (Parimarjan) पोर्टल पर जाकर सुधार के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको अपनी पुरानी रसीद या केवाला (Deed) अपलोड करना होगा।
Q4. LPC (भूमि दखल कब्जा प्रमाण पत्र) की वैधता कितने समय की होती है?
उत्तर: आमतौर पर LPC 6 महीने के लिए वैध होता है। इसके बाद यदि आपको दोबारा जरूरत पड़ती है, तो आपको नया LPC बनवाना होगा।
Q5. क्या मैं दूसरे राज्य में बैठकर बिहार की जमीन का लगान (टैक्स) भर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। Bihar Bhumi पोर्टल पर ‘ऑनलाइन भुगतान’ सेवा का उपयोग करके आप दुनिया के किसी भी कोने से अपनी जमीन का लगान भर सकते हैं और डिजिटल रसीद डाउनलोड कर सकते हैं।
Q6. जमीन का नक्शा ऑनलाइन कैसे मंगाएं?
उत्तर: आप dlrs.bihar.gov.in पर जाकर अपने जिले और मौजा का चयन करें। वहां ‘Door Step Delivery’ का विकल्प मिलेगा। मामूली शुल्क देकर आप डिजिटल नक्शा अपने घर के पते पर मंगा सकते हैं।
Q7. ‘भाग वर्तमान’ और ‘पृष्ठ संख्या’ क्या है और यह कहाँ मिलेगा?
उत्तर: ऑनलाइन रसीद काटने के लिए ये दो नंबर सबसे जरूरी हैं। ये आपकी जमीन की जमाबंदी पंजी (Register II) में लिखे होते हैं। आप पोर्टल पर “जमाबंदी पंजी देखें” विकल्प में जाकर अपने नाम या प्लॉट नंबर से इन्हें खोज सकते हैं।
Q8. ई-मापी (e-Mapi) के लिए सरकारी फीस कितनी है?
उत्तर: ई-मापी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति प्लॉट लगभग 500 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 1000 रुपये की सरकारी फीस निर्धारित है (यह समय-समय पर बदल सकती है)। आप पोर्टल पर इसकी सही राशि देख सकते हैं।
